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Almora: शिक्षकों ने खोली शिक्षा विभाग की पोल, इस कार्रवाई को लेकर खफा है शिक्षक… जानिए पूरा मामला

अल्मोड़ा: सीबीएसई से संबद्ध अटल उत्कृष्ट विद्यालयों का परीक्षाफल खराब होने के बाद शिक्षकों के खिलाफ की जा रही एकतरफा कार्रवाई से शिक्षकों का पारा चढ़ गया है। अब शिक्षकों ने उल्टा शिक्षा विभाग की ही पोल कर रख दी। शिक्षकों ने कहा कि परीक्षाफल संतोषजनक नहीं होने पर विभाग द्वारा इसका ठीकरा शिक्षकों के उपर फोड़ा जा रहा है जो कतई तर्कसंगत व न्यासंगत नहीं है।

राजकीय शिक्षक संघ की जिला कार्यकारणी ने अटल उत्कृष्ट विद्यालयों की समस्याओं के संबंध में मुख्य शिक्षा अधिकारी हेमलता भट्ट के माध्यम से निदेशक, माध्यमिक शिक्षा को ज्ञापन भेजा है। शिक्षकों ने अटल उत्कृष्ट विद्यालयों के शिक्षकों के प्रति विभाग द्वारा की गई एकतरफा कार्रवाई का विरोध किया है।

जिला कार्यकारणी द्वारा अटल उत्कृष्ट स्कूलों में तैनात शिक्षकों पक्ष रखते हुए ज्ञापन में कहा कि, अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में तैनात शिक्षकों ने पूर्ण मनोयोग से अपने शैक्षिक दायित्वों का निर्वहन किया है। इसके बावजूद भी बहुत से विद्यालयों में बहुत से शिक्षकों का परीक्षाफल औसत परीक्षाफल से न्यून रहा है। न्यून परीक्षाफल के कई कारण हो सकते हैं और इसके लिए शिक्षक को दोषी ठहराया जाना न्यायसंगत नहीं है। पूर्व से सीबीएसई माध्यम से चले आ रहे पब्लिक स्कूलों एवं नवोदय विद्यालयों के परीक्षाफल से तुलना किसी भी प्रकार से तर्कसंगत नहीं लगता है।

ज्ञापन में कहा कि 13 जुलाई 2021 को सचिव, उत्तराखंड शासन आर मीनाक्षी सुंदरम द्वारा अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती विषयक दिशा निर्देश जारी किए गए थे। दिशा निर्देशों के बिंदु संख्या 1, 4 तथा 5 के अनुसार शैक्षिक गुणवत्ता सुनिश्चित किए जाने के निमित्त इन विद्यालयों में तैनाती स्क्रीनिंग परीक्षा के चयनोपरांत की जाएगी। इस नियम को दरकिनार करते हुए पूर्व से कार्यरत शिक्षकों के पदों पर तैनाती नही की गई जबकि पूर्व से कार्यरत कई शिक्षक अंग्रेजी माध्यम से शिक्षण कार्य करने में असमर्थता के संबंध में विकल्प दे चुके थे।

ज्ञापन में कहा कि अटल स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के समय विभाग की ओर से पूर्व से कार्यरत शिक्षकों के लिए कोई स्पष्ट आदेश नहीं निकाल कर स्वयं विभाग ने भ्रम की स्थिति उत्पन्न की, बावजूद इसके जो शिक्षक परीक्षा देकर कॉउंसलिंग में उपस्थित हुए उन्हें ये कहकर कॉउंसलिंग से बाहर कर दिया गया कि वो पहले से ही अटल उत्कृष्ट विद्यालय में कार्यरत हैं। अब विभाग की दोहरी नीति सर्वथा अनुपयुक्त है और साथ ही परीक्षाफल को लेकर की जा रही कार्यवाही का निर्देश न्याय विरुद्ध है।

ज्ञापन में कहा कि अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में वर्तमान तक भी अनेक विषयों के पद रिक्त हैं और साथ ही प्रधानाचार्यों के अधिकांश पद रिक्त है जिससे विद्यार्थियों के शिक्षण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इन विद्यालयों में पहली बार छात्रों द्वारा सीबीएसई द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम पैटर्न, प्रश्न पत्र पैटर्न एवं मूल्यांकन पैटर्न के साथ परीक्षाएं दी गई। कार्यरत शिक्षकों द्वारा भी विगत वर्षों तक उत्तराखंड बोर्ड के अनुसार परीक्षाओं की तैयारी करवाई जाती थी। शिक्षकों को भी किसी भी प्रकार का प्रशिक्षण प्रदान नहीं किया गया। कार्यरत शिक्षकों ने इस दौरान उपलब्ध मानवीय एवं भौतिक संसाधनों से अच्छा कार्य किया है।

अटल उत्कृष्ट विद्यालय उत्तराखंड बोर्ड तथा सीबीएसई दो पाटों के मध्य साल भर पिसते नजर आए हैं। विभाग के द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रमों में विद्यार्थियों का प्रतिभाग, अटल उत्कृष्ट विद्यालय निर्देश मांगते रहे कि प्रतिमाह एस सी ई आर टी द्वारा आयोजित मासिक परीक्षाएं उनके द्वारा भी संचालित की जानी है या नहीं लेकिन किसी भी स्तर के अधिकारियों द्वारा इस पर स्पष्ट निर्देश जारी नहीं किए गए। साथ ही अवगत कराना है कि वर्तमान सत्र 2023– 24 में भी मासिक परीक्षा के लिए चयनित विद्यालयों में अटल उत्कृष्ट विद्यालय का नाम था और अटल उत्कृष्ट विद्यालयों के शिक्षकों की ड्यूटी मासिक परीक्षा के दौरान मूल्यांकन में लगाई गई है।

ज्ञापन में कहा कि 19 मई 2023 के पत्र द्वारा अटल उत्कृष्ट विद्यालयों के शिक्षकों के पोर्टल गुणांकों को लेकर निर्देश जारी किए गए हैं। इन निर्देशों के क्रम में एक ही विद्यालय में पूर्व से कार्यरत तथा चयन के बाद कार्ययोजित शिक्षकों के गुणांकों में विभेद करना एक समान न्याय के सिद्धांत के विरुद्ध है। एक ओर विभाग उन शिक्षकों को जिन्होंने अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाने में असहमति दी थी उन्हें भी परीक्षाफल हेतु आरोपित कर रहा है और दूसरी ओर पोर्टल गुणांकों में विभेद कर विभाग शिक्षकों के मध्य आपस में कटुता उत्पन्न करना चाहता है। संघ ने इस मामले पर विचार करते हुए चयनित एवं पूर्व से कार्यरत शिक्षकों के गुणांकों में विभेद के आदेश को निरस्त करते हुए सभी कार्यरत शिक्षकों को अटल उत्कृष्ट विद्यालयों हेतु प्रोत्साहन लाभ प्रदान किए जाने की मांग की।

ज्ञापन में कहा कि अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान सुधार परीक्षा हेतु विद्यालय बुलाए जाने के निर्देश दिए गए हैं। जिला कार्यकारिणी ने इसका विरोध किया है। साथ ही इस पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है। कहा कि महानिदेशक द्वारा जारी आदेश के क्रम में यदि अटल विद्यालयों में कार्यरत अध्यापकों को ग्रीष्मावकाश में शिक्षण कार्य हेतु रोका जाता है तो उपार्जित अवकाश(ईएल) के संबंध में स्पष्ट आदेश भी जारी किया जाए।

राजकीय शिक्षक संघ ने कहा कि यदि शिक्षकों के हितों को ध्यान में नहीं रखा गया तो जिला कार्यकारिणी न्याय के लिए न्यायालय की शरण में जाने को बाध्य होगी।

ज्ञापन में जिला अध्यक्ष भारतेंदु जोशी, जिला मंत्री भूपाल सिंह चिलवाल, जिला उपाध्यक्ष मीनाक्षी जोशी, जिला संयुक्त मंत्री अजरा परवीन, जिला संगठन मंत्री मदन भंडारी, रैना अधिकारी, मंडलीय मंत्री कैलाश डोलिया, ब्लॉक अध्यक्ष हवालबाग गोविंद रावत, ब्लॉक मंत्री हवालबाग शिवराज बनकोटी, पंकज टम्टा, ललित प्रकाश, प्रेरणा गुरुरानी, कीर्ति चटर्जी, श्रेया जोशी, ममता मेहता, गीता मेहरा, बी.डी पांडे, कैलाश गोस्वामी,गणेश जोशी, रमेश बिष्ट, देवेंद्र बिष्ट, राजेश बिष्ट, आशुतोष साह आदि शिक्षकों के हस्ताक्षर है।

 

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