अल्मोड़ा। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day) की पूर्व संध्या पर कहा कि धरती पर कब्जे व लाभ कमाने की पूंजीवादी होड़ ने विश्व के सामने गंभीर संकट पैदा कर दिया है। पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित गोष्ठी में चिपको, वन बचाओ आंदोलनों के नेतृत्वकारी रहे उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पी. सी. तिवारी ने कहा कि हिमालय आज इस लूट खसोट से बुरी तरह आहत है।
पार्टी की वरिष्ठ नेता व केंद्रीय सचिव आनंदी वर्मा की अध्यक्षता में हुई संगोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि हिमालयी क्षेत्र की संवेदनशीलता, भूगर्भीय रचना के प्रतिकूल यहां चल रहे भारी निर्माण कार्य ऑल वैदर रोड के नाम पर गड़बड़ झाले, नदियों के खनन, ज़मीनों की लूट प्रकृति के साथ उत्तराखंडी समाज के ताने बाने व अस्मिता को तार तार कर दिया है। कहा कि इन सारी गतिविधियों में उत्तराखंड की सरकारों, नौकरशाहों व राजनीतिक दलों की प्रमुख भूमिका रही है जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है।
उपपा ने कहा कि उत्तराखंड में यहां के प्राकृतिक संसाधनों पर जनता के पहले अधिकार की मांग करने वाले आंदोलनों को बड़ी चालाकी से यहां के जन अधिकारों के ख़िलाफ़ खड़ा किया गया। कहा कि यदि विकास व पर्यावरणीय प्रश्नों पर विचार करते हुए आम जनता को केंद्र में नहीं रखा जाएगा तो पर्यावरण समस्याएं दिन प्रतिदिन विकट हो जाएंगी।
उपपा ने कहा कि उत्तराखंड जैसे क्षेत्रों की जनता की ज़रूरतों के ख़िलाफ़ जिस तरह से बड़ी कंपनियों, ठेकेदारों, माफियाओं को लूट खसोट के अवसर दिए गए है उससे स्थितियां लगातार गंभीर हो गई हैं। जिसके खिलाफ एक राजनीतिक आंदोलन खड़ा करना समय की मांग है।
संगोष्ठी का संचालन नगर अध्यक्ष हीरा देवी ने किया। बैठक में एडवोकेट नारायण राम, एड. वन्दना कोहली, नगर उपाध्यक्ष सरिता मेहरा, लीला आर्या, भावना मनकोटी, दीपा, ममता, रेखा, सुशील कुमार, धीरेन्द्र मोहन पंत, अंतरा आर्या, वर्षा, उत्तराखंड छात्र संगठन की भारती पांडे, दीक्षा सुयाल, दीपांशु पांडे समेत आदि लोग उपस्थित रहे।
India Bharat News Latest Online Breaking News