देहरादून: उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. हरक सिंह रावत एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह उनके निजी जीवन से जुड़ी हुई है।
देहरादून में संपत्ति विवाद के बीच अब हरक सिंह रावत की पत्नी दीप्ति रावत ने मोर्चा खोल दिया है। सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर दीप्ति रावत ने खुद को हरक सिंह रावत की कानूनी रूप से विवाहित पत्नी बताया और खुद को उनकी पत्नी बताने वाली सोनिया आनंद को दीप्ति रावत ने खुली चुनौती दे डाली।
रावत ने साफ कहा कि अगर कोई दूसरी महिला खुद को हरक सिंह रावत की पत्नी बताती है तो उसे इसके कानूनी साक्ष्य सार्वजनिक करने चाहिए। दीप्ति रावत ने चेतावनी दी कि इस तरह की भ्रामक पहचान और खबरों से उनके परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच रहा है और अब वो अपने परिवार के सम्मान की रक्षा के लिए कानूनी कार्रवाई करने को मजबूर होंगी।
56 लाख की प्रॉपर्टी डील से शुरू हुआ विवाद
दरअसल इस पूरे विवाद की शुरूआत देहरादून के बुद्धबाजार मोहल्ले में एक संपत्ति के सौदे से हुई दिव्यांग शिकायतकर्ता हरिओम सहगल ने एसएसपी देहरादून को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि साल 2021 में उन्होंने अपना एक मकान जसबीर कौर आनंद उर्फ सोनिया आनंद रावत को 56 लाख रुपये में बेचा था। आरोप है कि इस सौदे में उन्हें सिर्फ 12 लाख 80 हजार रुपये मिले जबकि बाकी 43 लाख 20 हजार रुपए के चेक बाउंस हो गए।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि सोनिया आनंद ने खुद को मंत्री हरक सिंह रावत की पत्नी बताकर उनके नाम और प्रभाव का इस्तेमाल किया और संपत्ति पर कब्जा कर लिया साथ ही उन्हें डराने धमकाने के आरोप भी लगाए गए हैं।
दीप्ती रावत ने दी धमकी
संपत्ति विवाद के बीच मीडिया में सोनिया आनंद रावत को हरक सिंह रावत की पत्नी बताए जाने पर दीप्ति रावत ने आपत्ति जताई है। उन्होंने अपना एक बयान जारी कर कहा कि वो डॉ. हरक सिंह राव की कानूनी रूप से विवाहित पत्नी हैं और उनका इस जमीन विवाद से कोई लेना देना नहीं है।
दीप्ति रावत ने सोनिया आनंद को चुनौती देते हुए ये तक कह दिया कि अगर वो खुद को हरक सिंह रावत की पत्नी बताती हैं तो इसके कानूनी प्रमाण सामने रखें। इसी के साथ दीप्ति रावत ने ये भी कहा कि इस पूरे मामले से उनको और उनके परिवार को मानसिक आघात पहुंचा है।
सोनिया आनंद ने सारे आरोपों को बताया गलत
सोनिया आनंद ने इस मामले में हरिओम सहगल के द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है और वो नियमानुसार भुगतान कर चुकी हैं उन्होंने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया है। अब इस पूरे मामले में हरक सिंह रावत का बयान आना बाकी है।
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