पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान ने दीप प्रज्वलित कर किया सप्तम दिवस की रामलीला का शुभारंभ, राम के आदर्शों को जीवन में अपनाने का किया आह्वान
अल्मोड़ा: श्री रामलीला कमेटी धौलछीना की ओर से आयोजित रामलीला महोत्सव में सप्तम दिवस भगवान श्रीराम के वनवास काल के महत्वपूर्ण प्रसंगों का भावपूर्ण मंचन किया गया। इस दौरान रामविलाप, शबरी मिलन, राम-हनुमान मिलन, सुग्रीव मैत्री, बाली-सुग्रीव युद्ध तथा भगवान श्रीराम द्वारा बाली वध के प्रसंगों का कलाकारों ने शानदार अभिनय किया। मंच पर कलाकारों की भावपूर्ण प्रस्तुति और प्रभावशाली संवादों ने दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का संपूर्ण जीवन मानव समाज के लिए आदर्श और प्रेरणास्रोत है। उनके जीवन से हमें मर्यादा, सत्य, त्याग, धैर्य, कर्तव्यनिष्ठा और आपसी प्रेम की सीख मिलती है। उन्होंने सभी लोगों से भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा समाज में आपसी सद्भाव और भाईचारे को मजबूत बनाने का आह्वान किया। उन्होंने रामलीला के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन हमारी समृद्ध लोक परंपराओं और संस्कृति को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि पूर्व दर्जा राज्य मंत्री बिट्टू कर्नाटक ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि रामलीला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, संस्कारों और आदर्श जीवन मूल्यों को समझने का सशक्त मंच है। भगवान श्रीराम के चरित्र से प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में कठिन परिस्थितियों का सामना धैर्य और मर्यादा के साथ करने की प्रेरणा मिलती है।
पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष रवि रौतेला ने भी दर्शकों को संबोधित करते हुए रामलीला के धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर इस तरह के आयोजन क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के साथ ही नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने का कार्य करते हैं।
रामलीला के मंचन में शबरी की प्रभु श्रीराम के प्रति अनन्य भक्ति, हनुमान जी और भगवान श्रीराम का प्रथम मिलन तथा सुग्रीव से मित्रता के प्रसंगों ने दर्शकों को भावुक कर दिया। वहीं बाली और सुग्रीव के बीच हुए युद्ध तथा भगवान श्रीराम द्वारा बाली वध के दृश्य ने कथा को रोचक मोड़ दिया। कलाकारों के अभिनय, संवाद अदायगी और मंचीय प्रस्तुति को दर्शकों ने खूब सराहा। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे और देर रात तक रामलीला का आनंद लेते रहे।
India Bharat News Latest Online Breaking News