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पहाड़ में खत्म होती ‘खेती’ व बढ़ते ‘पलायन’ पर कुंजवाल ने जताई चिंता… शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार समेत अन्य मुद्दों जानिए क्या कहा

अल्मोड़ा: पूर्व विधानसभा अध्यक्ष व कांग्रेस के दिग्गज नेता गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा कि जिन मूल भावनाओं के साथ पर्वतीय राज्य उत्तराखंड का निर्माण हुआ था, उस आधार पर कार्य नहीं हो पाए है। उन्होंने कहा कि राज्य में कांग्रेस की सरकार रही और भाजपा की सरकार पहले भी रही और अभी भी सत्ता में है। लेकिन कुछ मुद्दें ऐसे है जिन पर सरकारों ने ध्यान नहीं दिया।

शनिवार को पत्रकार वार्ता के दौरान कुंजवाल ने कहा कि उत्तराखंड आंदोलनों से निकला हुआ प्रदेश है। आंदोलनकारियों व शहीदों ने जो सपने इस राज्य को बनाने के दौरान देखे थे आज वह साकार होते नहीं दिखाई दे रहे है। उन्होंने कहा कि पहाड़ के लोगों की आजीविका का मुख्य साधन माने जाने वाली कृषि आज खत्म होने की कगार पर है। जंगली जानवरों के आतंक से लोग परेशान है लेकिन सरकारें उस ओर ध्यान नहीं दे रही है।

कुंजवाल ने कहा कि सरकार के पास तमाम प्रकार के कई तकनीकी संस्थान व वैज्ञानिक है। सरकार को चाहिए कि वह परामर्श कर कुछ ऐसे उत्पादों का चयन करे जिन्हें बंदर, सुअर समेत अन्य जंगली जानवर नुकसान न पहुंचाते हो। ऐसे उत्पादों का उत्पादन कर जहां लोगों को कृषि करने की ओर प्रेरित किया जा सकता है वही, इससे लोगों की आजीविका भी मजबूत होगी और पलायन पर भी काफी हद तक रोक लग सकेगी।

इस दौरान कुंजवाल ने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार समेत तमाम मुद्दों को लेकर बीजेपी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार आने के बाद प्रदेश में विकास कार्य अवरूद्ध हो गए है। स्कूलों व औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में आज पढ़ाने को शिक्षक नहीं है हालात यह है कि किसी संस्थान में एक-एक शिक्षक से काम चलाया जा रहा है। प्रशासनिक इकाईयों में भी अधिकारियों का टोटा बना हुआ है। चार-चार तहसीलें एक एसडीएम के भरोसे है। जबकि कांग्रेस के समय में ऐसा नहीं होता था। कुछ जगह छोड़कर अधिकांश तहसीलों में एसडीएम तैनात रहते थे। ऐसे में कैसे जनता की समस्याओं का निदान हो पाएगा और विकास कार्य कैसे गति पकड़ेंगे यह सोचनीय विषय है।

कुंजवाल ने कहा कि आज देश में महंगाई चरम पर है। बेरोजगारी की दर को कम करने के लिए भाजपा सरकार कोई योजना नहीं बना पा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार में मनरेगा योजना को कानून बनाकर मुहूर्त रूप देने का ​काम किया गया था। जिसके एक्ट में प्रावधान है कि जरूरतमंद व्यक्ति को उसके गांव व आस पास के क्षेत्र में काम दिया जाएगा अगर किसी कारणवश काम नहीं मिलता है तो बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने इस योजना के तहत कुछ काम जरूर कराए लेकिन साल भर से कई मजदूरों का भुगतान नहीं हो सका है। स्थिति यह है कि इसके लिए सरकार बजट तक नहीं दे पा रही है।

वही, पलायन के मुद्दे पर कुंजवाल ने कहा कि प्रदेश में भाजपा, कांग्रेस की सरकार पहले भी रही है। लेकिन किसी भी सरकार ने पलायन के मुद्दें को गंभीरता से नहीं लिया। राज्य बनने के बाद से पहाड़ के पहाड़ खाली हो चुके है। अगर पहाड़ ही खाली हो जाएंगे तो फिर इस राज्य का अस्तित्व ही क्या रहेगा। उन्होंने कहा कि पलायन को रोकने के लिए सरकार ने पलायन आयोग का गठन किया। लेकिन आयोग ने पलायन को रोकने ​के लिए क्या अध्ययन किया और क्या सुझाव दिए। उसे सरकार जनता के सामने रखने का काम करे, ताकि उसके अनुसार पलायन पर काम किया जा सके।

गैरसैंण को लेकर कुंजवाल ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा ने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित कर वाहवाही लूट ली। लेकिन ग्रीष्मकालीन राजधानी बनने के बाद से एक दिन भी सरकार वहां नहीं बैठी। ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित करने का कोई लाभ नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में असल मुद्दों की अनदेखी हो रही है। अगर यही हालात रहे तो एक दिन पहाड़ विरान हो जाएगा।

कुंजवाल ने कहा कि वह प्रदेश की जनता से निवेदन करना चाहते है कि सभी लोग एकजुट होकर प्रदेश के हित के लिए जो सही रास्ता है उस ओर चिंतन कर सरकारों पर दबाव देने का काम करें। जिसके बाद ही उत्तराखंड राज्य विकास के मार्ग की ओर बढ़ सकेगा।

प्रेस वार्ता में लमगड़ा ब्लाक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष दीवान सिंह सतवाल, दयाल पाण्डे, भगवत सतवाल, राम सिंह, पूरन सिंह, छात्रा उपाध्यक्षा रूचि कुटौला आदि मौजूद रहे।

 

 

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