अल्मोड़ा: विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसन्धान संस्थान हवालबाग द्वारा ‘अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना फसल कटाई उपरांत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी’ के अंतर्गत किसानों के लिए पेडल संचालित वीएल धान थ्रेशर का प्रदर्शन आयोजित किया गया।
इस थ्रेशर का उद्देश्य किसानों के धान मड़ाई कार्य में लगने वाले समय एवं श्रम को कम करना है। इस पेडल संचालित धान थ्रेशर की मड़ाई क्षमता लगभग 100 किलोग्राम प्रति घंटा है तथा इसका वजन लगभग 45 किलोग्राम है।कम वजन और पेडल संचालन के कारण इसे छोटे एवं सीमांत किसानों के लिए उपयोगी कृषि यंत्र के रूप में प्रदर्शित किया गया।
यह प्रदर्शन ग्राम अर्जुनराथ, सोमेश्वर में आयोजित किया गया। जिसमें कुल 16 लोगों ने भाग लिया। इनमें 10 किसान शामिल थे, जिनमें 4 महिला एवं 6 पुरुष किसान थे। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने स्वयं अपने धान की मड़ाई के लिए पेडल संचालित थ्रेशर का प्रयोग किया और इसकी कार्यप्रणाली को समझा।
यह प्रदर्शन डॉ. मनोज कुमार, प्रधान अन्वेषक, अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना फसल कटाई उपरांत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी केंद्र के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में यंग प्रोफेशनल चैतन्य साह द्वारा सहयोग प्रदान किया गया।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने पेडल संचालित थ्रेशर के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। किसानों ने इसके उपयोग, श्रम एवं समय की बचत को उपयोगी बताया तथा अपनी आवश्यकताओं के अनुसार कृषि यंत्र में कुछ संशोधन करने के सुझाव भी दिए। किसानों से प्राप्त सुझावों को भविष्य में यंत्र के सुधार एवं अधिक उपयोगी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना गया।
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