अल्मोड़ा: उत्तराखंड में मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं लगातार बढ़ रही है। जंगली जानवर लोगों की जान के दुश्मन बने हुए हैं। ताजा मामला जिले के सल्ट क्षेत्र का है। जहां एक 21 वर्षीय महिला को वन्यजीव ने अपना शिकार बना लिया। वन विभाग की टीम ने घर से कुछ दूरी पर महिला का शव बरामद कर लिया गया है। इस घटना से पूरे इलाके में वन महकमे के खिलाफ लोगों में भयंकर आक्रोश फैल गया है। वन विभाग के अधिकारी मौके के लिए रवाना हो गए है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, डभरा सौराल ग्रामसभा के घोड़ीधार तोक निवासी 21 वर्षीय शालिनी नेगी सोमवार यानि आज सुबह घर के पास गोबर फेंकने गई थी। इसी दौरान किसी जंगली जानवर ने उस पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि जानवर उसे जंगल की ओर घसीट ले गया। खोजबीन के दौरान जंगल से महिला का शव बरामद हुआ। मृतका के गले में गहरे घाव के निशान मिले। हमला बाघ ने किया है या गुलदार ने या फिर किसी अन्य वन्यजीव ने, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। वन विभाग का कहना है कि जांच और साक्ष्यों के आधार पर ही इसकी आधिकारिक पुष्टि हो पाएगी।
प्रभागीय वनाधिकारी दीपक सिंह ने बताया कि, घटनास्थल एवं आसपास के क्षेत्र का गहन निरीक्षण किया जा रहा है। उपलब्ध साक्ष्यों, पदचिह्नों एवं अन्य संकेतों के आधार पर हमला करने वाले वन्यजीव का पता लगाया जा रहा है। मृतका के परिजनों को 10 लाख की अनुग्रह सहायता की धनराशि के भुगतान की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
डीएफओ ने बताया कि घटना के बाद क्षेत्र में सतर्कता एवं निगरानी बढ़ा दी गई है। क्यूआरटी टीम को सक्रिय कर संवेदनशील स्थलों पर गश्त तेज कर दी गई है। स्थानीय ग्रामीणों को सुबह एवं शाम के समय अकेले जंगल अथवा झाड़ीदार क्षेत्रों में न जाने, बच्चों एवं महिलाओं को समूह में आवागमन करने तथा पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर बांधने के संबंध में जागरूक किया जा रहा है। रात में निगरानी बढ़ाने के साथ ही वन्यजीव की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ट्रैप कैमरे लगाए जा रहे हैं।
डीएफओ के मुताबिक, क्षेत्र में वन विभाग द्वारा 9 किलोमीटर सोलर फेंसिंग का कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त जिला प्रशासन द्वारा पीएमजीएसवाई के माध्यम से समीपवर्ती संवेदनशील क्षेत्रों में भी फेंसिंग कार्य प्रारंभ किया गया है। प्रभावित गांवों में व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित किए जा रहे हैं तथा नियमित निगरानी एवं त्वरित सूचना आदान-प्रदान के लिए पूर्व से गठित व्हाट्सएप समूह सक्रिय रूप से संचालित किया जा रहा है।
डीएफओ ने बताया कि कॉर्बेट तथा पश्चिमी वृत्त से दो पशु चिकित्सकों को मौके पर तैनात किया गया है। क्षेत्राधिकारी, उप प्रभागीय वनाधिकारी, क्यूआरटी टीम एवं अन्य अधिकारी क्षेत्र में लगातार मौजूद रहकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं तथा ग्रामीणों से वन्यजीव की गतिविधियों के संबंध में नियमित फीडबैक लिया जा रहा है।
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