मौलेखाल (अल्मोड़ा): सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवायल में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत कार्यकर्ताओं ने अस्पताल के मुख्य गेट पर सांकेतिक तालाबंदी कर व्यवस्थाओं में सुधार की मांग उठाई। करीब पौने घण्टे तक अस्पताल का गेट बंद रहा, मरीजों और तीमारदारों की परेशानी को देखते हुए बाद में ताला खोल दिया गया, इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अस्पताल परिसर में धरना दिया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने अस्पताल में चिकित्सकों की कमी, विशेषज्ञ डॉक्टरों की अनुपलब्धता, जरूरी संसाधनों के अभाव और मरीजों को लगातार दूसरे अस्पतालों में रेफर किए जाने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि दूरस्थ क्षेत्र में स्थित इस अस्पताल पर आसपास के ग्रामीण इलाकों की बड़ी आबादी निर्भर है, इसके बावजूद यहां पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।
कांग्रेस नेताओं के कहा कि बीते दिनों जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर सीएचसी देवायल की व्यवस्थाओं में सुधार, उच्चीकृत अस्पताल को पूर्ण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा देने और विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की मांग की गई थी, निर्धारित समय में मांगों पर अपेक्षित कार्यवाही नहीं होने पर सोमवार को सांकेतिक तालाबंदी का निर्णय लिया गया।
प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल की मूलभूत व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए, उनका आरोप था कि अस्पताल के कुछ शौचालयों का उपयोग स्टोर के तौर पर किया जा रहा है, मरीजों और तीमारदारों के बैठने के लिए लगाई गई बेंचें जर्जर हालत में हैं। ऐसी स्थिति में मरीजों को बेहतर उपचार और सुविधाएं मिलना मुश्किल हो रहा है।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य कांग्रेस नेता नारायण सिंह रावत ने कहा कि दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना बेहद जरूरी है, उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों को रामनगर, हल्द्वानी सहित अन्य शहरों की ओर रेफर किया जा रहा है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को अतिरिक्त परेशानी और आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है
उन्होंने महिला स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और विशेषज्ञ महिला चिकित्सकों की तैनाती की भी मांग की, रावत ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और नवजात शिशुओं को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलना जरूरी है, उन्होंने हाल के महीनों में हुई प्रसव संबंधी घटनाओं का हवाला देते हुए अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता जताई।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अस्पताल परिसर में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट के लंबे समय से बंद होने का आरोप भी लगाया, उनका कहना था कि आपातकालीन परिस्थितियों में ऑक्सीजन की आवश्यकता वाले मरीजों के लिए यह गंभीर समस्या बन सकती है, प्रदर्शनकारियों ने प्लांट को जल्द शुरू कराने की मांग की
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने इनोलू गांव की निशा की मौत का भी उल्लेख किया और कहा कि दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किए जाने की जरूरत है, उनका कहना था कि ग्रामीणों को इलाज के लिए दूर के शहरों पर निर्भर रहने की स्थिति से निजात दिलाने के लिए स्थानीय अस्पतालों में पर्याप्त चिकित्सक और संसाधन उपलब्ध कराए जाने चाहिए
सरपंच संगठन के प्रदेश अध्यक्ष घनानंद शर्मा ने कहा कि प्रशासन को अस्पताल की समस्याओं के समाधान के लिए 20 दिन का समय दिया गया है, उन्होंने कहा कि तय अवधि में मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक आंदोलन को आगे बढ़ाएगी।
प्रदर्शन में कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष विशन दत्त शर्मा, ग्राम प्रधान अमित रावत, पूर्व ग्राम प्रधान मोहन सिंह, जीवन सिंह रावत, केपी शर्मा, आनन्द बल्लभ सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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