अल्मोड़ा। परंपरागत कृषि विकास योजना के अंतर्गत कृषि विभाग और शील बायोटेक (Agriculture Department and Sheel Biotech) द्वारा जिले के 10 विकासखंडों में जैविक खेती का प्रशिक्षण (organic farming training) दिया जा रहा है। जिसका मुख्य उद्देश्य कृषकों की आय मे वृद्धि करना एवं जैविक खेती को प्रोत्साहित करना है।
शील बायोटेक के परियोजना अधिकारी महिपाल सिंह राणा ने बताया कि जनपद के 10 विकासखंड में जिसमें हवालबाग, ताकुला, लमगड़ा, धौलादेवी, ताड़ीखेत, द्वाराहाट, चौखुटिया, सल्ट, स्याल्दे भिक्यिासैंण के 217 गांव में यह जैविक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
शील बायोटेक की जिला प्रभारी रश्मि सुयाल ने बताया कि यह एक दिवसीय प्रशिक्षण बीते 2 साल से 217 गांव में चयनित किसानों दिया जा रहा है। जिसमें जैविक खाद, जैविक कीटनाशक तैयार करना, उपयोग एवं लाभ का प्रशिक्षण कृषक समूहों के सदस्यों को दिया जा रहा है।
रश्मि सुयाल ने कहा कि किसानों को प्राकृतिक उत्पादन वेस्ट डिपोजिंग, कंपोस्ट खाद, जैविक बीज, हरी खाद का प्रयोग करना चाहिए। जिससे भूमि की उर्वरा क्षमता बनी रहती है। पेस्टिसाइड के प्रयोग से भूमि की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। पेस्टिसाइड के अंधाधुंध प्रयोग से मानव शरीर में गंभीर बीमारियां जन्म ले रही है। इसका एकमात्र उपाय जैविक खेती ही है।
इस प्रशिक्षण में किसानों को जैविक खेती की उपयोगिता एवं जैविक खेती से होने वाले आर्थिक लाभ के बारे में जानकारी दी जा रही है।
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